New Method Of Tomato Cultivation | टमाटर की खेती करने का नया तरीका, इस फसल में आपको अच्छा मुनाफा होगा, टमाटर के प्रमुख किस्म, सिंचाई, खाद आदि

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किसानों को समय के अनुसार खेती करना चाहिए और इसका भी ध्यान रखना चाहिए की वर्तमान समय में भारतीय बाजार में किस फसल की मांग अधिक है उस फसल की खेती आपको कर लेना है| जैसे की वर्तमान समय में टामटर की मांग बाजार में अधिक है इसके लिए हम आपके लिए यह लेख लाए| 


आज के इस सुंदर लेख में आपको टमाटर की खेती से संबंधी जानकारी मिलेगी जैसे की टामटर की खेती कैसे करे? टामटर की खेती के लिए भूमि तैयार कैसे करे? बीज का चयन कैसे करे? खरपारतवार और उर्वरक की विशेष जानकारी क्या है? टामटर की खेती में सिंचाई कैसे करना है और कितने दिनों में करना है? टामटर की खेती के लिए प्रमुख सावधानियां? टामटर की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी और जलवायु ? टामटर के प्रमुख उन्नत किस्म कौन-कौन है? टमाटर में कौन-कौन से पोषण तत्व पाए जाते है? आदि से विषयों पर हम आज विस्तार से चर्चा करने वाले है|




टामटर की खेती कैसे करे?


टमाटर की सब्जी एक ऐसे सब्जी है जो की आलू तथा प्याज के बाद सबसे अधिक उपयोग में होती है| टमाटर का उपयोग सब्जियों, सलाद और चटनी आदि के रूप में इसका इस्तमाल किया जाता है| टमाटर की फसल को साल के किसी भी मौसम के किया जा सकता है| टामटर खेती भारत देश के लगभग सभी क्षेत्रों में की जाती है इसकी खेती करना बड़ा ही आसान है क्योंकि इस खेती में आपकी लागत तथा मेहनत कम लगती है और लाभ अधिक मिलता है| 


यदि आप इसकी खेती में अच्छा लाभ कमाना चाहते है और अच्छी पैदावार प्राप्त करना चाहते है तो आपको सिंचाई, खाद और खरपतवार पर विशेष ध्यान रखना होगा| अन्यथा आप इस फसल से अच्छा लाभ प्राप्त नही कर पाओगे|

बीज का चयन कैसे करे?

यदि आपने यह निर्णय ले ही लिया है की आपको इस बार टमाटर की खेती ही करना है तो इसके लिए आपको एक अच्छे किस्म के टामटर बीजों की जरूरत पड़ेगी| ध्यान दे यदि आपके बीज अच्छे होंगे तो आपको पैदावार भी काफी अच्छी मिलेगी| इसके लिए आपको अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार ही बीजों का चयन करना है| 


बीजों की बुआई से पहले आपको बीजों एक बार बीजोपचार आवश्यक रूप से कर लेना है इससे आपके सभी बीज बहार निकल आएंगे| बाजार में आपको कई वैरिटी के बीज मिलेंगे आपको अच्छे किस्म का चयन के बीज लाना है|


बीज बुआई के समय आपको इसका बीज दर 350 से 400 ग्राम बीज प्रति हेक्टर की दर से उपयोग करना है और बीजों को पहले अच्छे से उपचार कर ले फिर बुआई करे| पहले आपको बीज को थाईराम / मेटालस्टिकल से बीजोपचार कर लेना है ताकि अंकुरित पूर्व फफूंद का आक्रमण न हो|


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टामटर की खेती के लिए भूमि तैयार कैसे करे?

  • टामटर की खेती करने के लिए आपको सबसे पहले अपनी पुरानी फसल की कटाई अच्छे से कर लेना है|

  • फिर बचे हुए फसल के तिनको को आपको एकत्र कर लेना है जो की आपके पशुओं का खान होगा|

  • इसके बाद आपको अपने खेत की मिट्टी की जांच करवा लेनी है|

  • मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के मध्य होना चाहिए|

  • इसके बाद आपको अपने खेत में आपको ऑर्गेनिक खाद का उपयोग करना है इसके लिए आपको 10 टन सड़ी गोबर डाल आपको प्रति हेक्टर डाल देनी है|

  • इसके बाद आपको अच्छे से खेत की 3 बार गहरी जुताई कर लेनी है इससे खाद आपके खेती की मिट्टी में अच्छे से मिक्स हो जाएगा|

  •  इसके बाद आपको अपने खेत को समतल कर लेना है इससे आपको सिंचाई, खरपतवार आदि में आसानी होगी|

  • इसके बाद आपको बुआई कर देनी है या फिर आपको टामटर के पौधे लगा देने है|

खरपारतवार और उर्वरक की विशेष जानकारी क्या है?

यदि आप टमाटर की फसल में खरपतवार और उर्वरक का आप विशेष ध्यान रखते है तो आपको इसका प्रभाव पैदावार में दिखाई देगा| टमाटर की खेती में पोषण तत्वों की अधितका की बहुत होती है| इसके लिए आपको टमाटर की अच्छी पैदावार के लिए खेत में खाद की सही मात्रा को सही समय पर देना होगा|


आपको अपने खेत में ऑर्गेनिक खाद यानी गोबर की खाद के अलावा रासायनिक खाद भी डालना है| खेती की अंतिम जुताई के समय आपको 80 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फास्फोरस और 50 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टर के हिसाब से डाल देना है| टमाटर की अच्छी पैदावार के लिए आपको समय समय पर खरपतवार करने की आवश्यकता पड़ेगी| आपको 2 से 3 बार खरपतवार प्रति माह कर लेनी है|

 टामटर की खेती में सिंचाई कैसे करना है और कितने दिनों में करना है?

टामटर की खेती में सिंचाई में आपको ध्यान देना है की पानी की मात्र निम्न हो अर्थात पानी बहाव तेज नही होना चाहिए इससे पौधे की जड़ कमजोर होती है और मिट्टी पानी के साथ बह जाती है| यदि आप टामटर की खेती गर्मी के मौसम में कर रहे है तो फिर आपको इसकी सिंचाई एक सप्ताह के अंतराल में करनी होगी वरना टमाटर के पौधे सुखा जाएंगे और यदि आप टामटर की खेती सर्दी के मौसम में करते है तो आपको 10 से 12 दिनों के अंतराल में सिंचाई कर लेनी है|

टामटर के प्रमुख उन्नत किस्म कौन-कौन है? 

भारतीय बाजार में टामटर की कई किस्म उपलब्ध है जैसे की - देसी किस्म पूसा रूबी, पूसा 120, पूसा शीतल, पूसा गौरव, अर्का सौरभ, अर्का विकास, सोनाली आदि इसकी किस्म है|


यदि हम इसकी हाइब्रिड किस्म की बात करे तो इसमें सबसे प्रमुख यह है जैसे की - संकर किस्म पूसा ह्याब्रिड 1 ,  पूसा ह्याब्रिड 4, अविनाश 2, रश्मि, रेड गोल्ड, 501, यूएस 440 आदि किस्म होती है|

टामटर की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी और जलवायु ?

टामटर की खेती पूरे वर्ष की जा सकती है तनी इसकी खेती बरसात, सर्दी और गर्मी सभी मौसम में इसकी खेती की जाती है| वैसे तो इसकी खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है परंतु इसके पैदावार सबसे अधिक इन मिट्टी में रहते है जैसे की रेतीली मिट्टी, चिकनी मिट्टी, दोमट मिट्टी, काली मिट्टी, आदि इस मिट्टियों में पानी निकासी आसानी से हो जाता है|


टमाटर में कौन-कौन से पोषण तत्व पाए जाते है?

टमाटर में विटामिन, कैल्शियम, आयरन समेत कई पोषण तत्व पाए जाते है जो की हमारे शरीर के लिए काफी अच्छे होते है| भारतीय बाजार में भी टमाटर की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है क्योंकि लोग टामटर को खाना अधिक पसंद करते है| टमाटर हमारे स्वास्थ के लिए काफी अच्छे माने जाते है यही कारण है की इसका उपयोग सलाद में भी किया जाता है|

 


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