How To Do Ladyfinger Farming | भिंडी की खेती कैसे करे, भिंडी के प्रमुख बीज, खेती करने का नया आसान तरीका, बीजों का चयन, भिंडी की मांग, सिंचाई और खाद

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भिंडी हमारे स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होती है क्योंकि इसमें कई आवश्यक पोषण तत्व पाए जाते है| डॉक्टर भी मरीजों को भिंडी के सेवन की सलाह देते है| यदि भी इस बार खेती से अच्छा लाभ लेना चाहते है तो आपको भी भिंडी की खेती करना चाहिए| पूरे वर्ष भारतीय बाजार में भिंडी की मांग बनी रहती है|

 

आज का यह सुंदर लेख खास कर किसानों के लिए है, इस लेख में हम आपको भिंडी की खेती से संबंधी जानकारी देंगे जैसे की भिंडी की खेती कैसे करे? भिंडी के प्रमुख हाइब्रिड बीज? खेत को कैसे तैयार करे? अच्छे बीजों का चयन कैसे करे?  भिंडी की बुआई कब करनी चाहिए? भिंडी की अच्छी पैदावार के लिए कौनसे खाद का उपयोग करे? निंदाई और गुड़ाई कैसे करे? सिंचाई कब और कैसे करे ? भिंडी के पौधे को रोग से कैसे बचाए? भिंडी में कौन-कौन से आवश्यक पोषण होते है? भिंडी की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी कौन सी है? आदि विषयों की जानकारी पर आज हम विस्तार से चर्चा करने वाले है|




भिंडी की खेती कैसे करे?

भिंडी की फसल भारत देश के कई क्षेत्रों में की जाती है भिंडी की खेती करना भारतीय किसान अधिक पसंद करते है क्योंकि इसकी खेती करना बड़ा ही आसान होता है साथ ही इसकी खेती कम समय में की जाने वाली खेती है| यदि आप भी भिंडी की खेती करते है तो आपको भिंडी को नजदीकी सब्जी मंडी या बाजार में बेच देना है| यदि आप भिंडी को स्वय बेचते है तो इससे आपको ओर भी अधिक लाभ होगा|


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भिंडी के प्रमुख हाइब्रिड बीज?

भारतीय बाजार में भिंडी के कई हाइब्रिड बीज उपलब्ध है जो की आपको आसानी से मिल जाएंगे| आपको अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार बीजों का चयन कर लेना है|  भिंडी के कई हाइब्रिड बीज भारतीय बाजार में उपलब्ध है जैसे की - पूसा मखमली, वी आर ओ 6, वर्षा उपहार, अर्का अभय, परभनी क्रांति भिंडी, पूसा ए, पंजाब 7, अर्का अनामिका, हिसार उन्नत, पूसा सावनी आदि भिंडी के प्रमुख हाइब्रिड बीज है|

खेत को कैसे तैयार करे?

  • भिंडी की खेती हेतु सबसे पहले आपको अपने खेत को अच्छे तैयार कर लेना है इसके लिए आपको सर्वप्रथम पुरानी फसल को अच्छे से कटाई कर लेनी है|

  • बचा हुआ शेष भूसा अपको एक तरफ कर देना है|

  • फिर आपको खेत की मिट्टी की जांच करवा लेनी है|

  • आपकी मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के मध्य होना चाहिए|

  • इसके बाद आपको ऑर्गेनिक खाद लाकर खेत में डाल देना है|

  • फिर खेत को अच्छे से गहरी जुताई कर लेनी है|

  • फिर बाद में आपको बुआई कर देनी है|

  • फसल की आवारा पशु की रक्षा हेतु आपको अपने खेत के आस-पास वायरिंग कर लेनी है|

  • जिससे की आपकी फसल को कोई नुकसान न हो|

 अच्छे बीजों का चयन कैसे करे?

बुआई से पहले आपको अच्छी भिंडी के किस्म का चयन करना है आपको अपने क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के अनुसार ही बीजों का चयन कर लेना है| इसके बाद आपको बीजों को बीजोपचार करके ही बुआई करनी है|

भिंडी की बुआई कब करनी चाहिए?

भिंडी की खेती आप दोनो सीजन में कर सकते है खरीफ और रबी दोनो सीजन में कर सकते है| यदि आप भिंडी की खेती रबी सीजन में करते है तो आपको इसकी बुआई अक्टूबर से नवंबर के मध्य करना चाहिए| इस सीजन में भिंडी की खेती को तैयार होने में 40 से 70 दिनों तक का समय लगता है और यदि आप इसकी खेती खरीफ सीजन में करते है तो अपको इसकी बुआई जून से जुलाई के मध्य कर लेनी है| 


भिंडी की खेती करने के लिए आपके क्षेत्र का तापमान 25 डिग्री के आस - होना चाहिए तथा मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के मध्य होना चाहिए|

भिंडी की अच्छी पैदावार के लिए कौन से खाद का उपयोग करे?

भिंडी की फसल की बुआई के 20 दिन पहले आपको एक बार जुताई कर लेना है और फिर 10 टन गोबर खाद प्रति एकड़ का उपयोग करना है| इसके बाद आपको नत्रजन 60 किलो, सल्फर 30 किलो और पोटाश 50 किलो प्रति हेक्टर की दर से खेत में देना है|

निंदाई और गुड़ाई कैसे करे?

भिंडी को कई आवश्यक तत्व की आवश्यकता होती है जिससे की भिंडी की पैदावार काफी अच्छी होती है| यदि आप समय पर इसकी खरपतवार नही करते है तो आपको इसका प्रभाव इसकी पैदावार पर भी दिखाई देगा| इस फसल में आपको 2 बार प्रति माह इसकी निंदाई - गुड़ाई कर लेनी है| इससे आपको पैदावार भी अच्छी मिलेगी और लाभ भी अधिक मिलेगा|

सिंचाई कब और कैसे करे ?

भिंडी की खेती यदि आप वर्षा के मौसम में करते है तो आपको सिंचाई की आवश्यकता कम होगी, सही समय पर वर्षा नही होने पर आपको सिंचाई कर देनी है| यदि आप इसकी खेती ठंड के मौसम में करते है तो आपको 10 से 15 दिनों के अंतराल में सिंचाई कर देनी है|

भिंडी में होने वाले प्रमुख रोग ?

  • पीत शिरा रोग : इस रोग की वजह से भिंडी के पौधे की पत्तियां और फुल पूरी तरह से पीली पड़ जाती है| जिसकी वजह से पौधा का विकास रुक जाता है| यदि यह रोग आपकी फसल में हो जाए तो आपको वह पौधा जड़ से उखाड़ के फेक देना है|

  • चुर्निल आसिता : इस रोग की वजह से भिंडी के पौधे निकली पत्तियों पर सफेद चूर्ण हो जाती है| इसकी वजह से 30 % उत्पादन कम होता है|

  • प्ररोह : इस रोग की वजह से तना सूखने लगता है साथ ही फूलो पर भी आक्रमण करती है| यह बीमारी अधिकतर वर्षा के मौसम के समय लगती है|

  • जेसिड : यह बीमारी भिंडी के पौधे में लगे फुल और फल तथा पत्तियां और तने का रस चूसकर इस सब को नुकसान पहुंचती है|

 भिंडी में कौन-कौन से आवश्यक पोषण होते है?


भिंडी में कई आवश्यक पोषण तत्व पाए जाते है जैसे की विटामिन, फाइबर्स, मिनरल्स, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, फास्फोरस आदि की भरपूर मात्रा पाई जाती है| जो की हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है|

भिंडी की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी कौन सी है?

भिंडी की खेती किसी भी तरह की मिट्टी में की जा सकती है लेकिन इसके लिए दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है इस मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के मध्य होता है| इसके अलावा बलूई दोमट और मटियार दोमट भी इसकी खेती के लिए उपयुक्त है| भिंडी की खेती के लिए गर्म जलवायु काफी अच्छी मानी जाती है|


बरसात के मौसम में इस बात का विशेष ध्यान रखना है की आपके खेत में पानी न भरा रहे यानी जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए|


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