New Way Of Cultivating Wheat | गेहूं की खेती करने का नया आसान तरीका, गेहूं के प्रकार, गेहूं की बुआई का समय और सिंचाई का समय

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अभी के समय में भारत के किसान सोयाबीन (खरीफ फसल ) की कटाई का कार्य कर रहे है| कटाई के कूची ही दिनों बाद किसान रबी फसल के लिए खेत तैयार करेंगे| यदि आप इस बार अच्छी उत्पादन चाहते है तो आपको हमारी दी गई टिप्स को फॉलो करना है|


आज के इस लेख में आपको जानकारी मिलेगी की गेहूं की खेती करने का नया आसान तरीका क्या है? गेहूं के कितने प्रकार है? गेहूं का कौनसा बीज सबसे अच्छा होता है? गेहूं की बुआई का समय और सिंचाई का समय क्या है? इस सभी विषय पर आज हम चर्चा करने वाले है|


कृपया कृषि से संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहे है| यहां हम आपके लिए नई खेती करने की टिप्स लाते है| गेहूं की खेती की जानकारी हेतु आपको यह लेख अंत तक पूरा पढ़ना होगा| 




गेहूं की खेती कैसे करे?

भारत देश में गेहूं सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश राज्य में होता है यह भारत की एक प्रमुख फसल है| गेहूं का उपयोग मनुष्य अपने जीवनयापन हेतु रोटी के रूप में करता है|


भारत में गेहूं उत्पादक राज्य पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यो में गेहूं की खेती की जाती है| गेहूं से कई चीजे निर्मित होती है| 


यदि आप भी इस बार गेहूं की खेती करना चाहता है तो आपको बुआई के पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच करवा लेना है| फिर आपको गेहूं एक अच्छी प्रजाति वाले गेहूं बीज का चयन कर लेना और फिर समय पर गेहूं की बुआई कर देनी है|


गेहूं की बुआई से लेकर गेहूं की कटाई तक आपको फसल की अच्छी से ध्यान रखना होगा| इसमें आपको समय पर सिंचाई करना होगा और समय पर खाद डालना होगा|


गेहूं की बुआई के पहले ही आपको अपने खेत में 2 बोरी डीएपी प्रति एकड़ के हिसाब से उड़ा देना है| इससे आपके खेत की मिट्टी में नमी आएगी और आपकी गेहूं की फसल जल्दी से ग्रो करेगी|

खाद का उपयोग इस प्रकार करना है

किसान भाईयो आपको गेहूं की बुआई से पहले ही 120 kg नाइट्रोजन, 60 kg स्फुर और 40 kg पोटाश अपने खेत मे इस तरह से खाद डालना होगा| 261 kg यूरिया प्रति हेक्टर का इस्तमाल करना चाहिए|


खाद का उपयोग करने से आपकी फसल बहुत जल्द ही बड़ी होगी और बीमारियों से भी बची रहेगी| इससे आपके गेहूं उत्पादन में अंतर दिखाई देगा|


यूरिया खाद उपयोग करने से फसल की पैदावार बढ़ती है यदि हम सिंचाई समय समय पर करते है| इस खाद की जगह आप पशु का गोबर का भी उपयोग कर सकते है गोबर भी एक तरह से खाद ही है|


सिंचाई करने का सही समय 

अच्छी गेहूं की फसल प्राप्ति के लिए आपको गेहूं में समय समय पर सिंचाई करनी होगी| बुआई के पहले यदि आपके खेत की मिट्टी में नमी न हो तो आपको फिर एक बार सिंचाई करके फिर नमी आने के बाद ही गेहूं की बुआई करनी है|


गेहूं में पहली सिंचाई आपको बुआई के 25 दिनों के बीच सिंचाई का कार्य शुरू कर देना है और दूसरी सिंचाई तब करना है जब आपके खेत में दरार आ जाए|


याद रखिए गेहूं की सिंचाई का समय अंतराल 20 दिनों से अधिक नही होना चाहिए| यदि सिंचाई लंबे समय बाद शुरू करते है तो आपकी फसल सूख सकती है|


गेहूं की खेती के लिए सबसे अच्छी जलवायु 

गेहूं की फसल में बुआई के समय कम तापमान होना चाहिए और गेहूं की फसल पकने समय शुष्क और गर्मी का तापमान होना चाहिए| 


यही कारण है की गेहूं की खेती ठंड के मौसम में होती है और गेहूं की कटाई गर्मी के मौसम होती है| गेहूं की खेती करने का सही समय यह है| किसानों को गेहूं की बुआई अक्टूबर या नवंबर में कर देनी चाहिए|


गेहूं की खेती के लिए खेत तैयार कैसे करे?

गेहूं की खेती करने से पहले आपको खेत की मिट्टी को जांच करवा लेना है की आपकी मिट्टी का पीएम मान क्या है? यदि आपकी मिट्टी का पीएम 7 से अधिक होता है तो आपके खेत की मिट्टी अच्छी नही है और यदि पीएम मान 7 के आस पास हुआ तो आप गेहूं की फसल कर सकते है|


गेहूं की खेती करने के लिए मटियार दोमट भूमि को सबसे ज्यादा माना जाता है| पर भी यदि गेहूं के पौधे को सही से खाद और पानी मिले तो हल्की भूमि पर भी गेहूं की अच्छी खेती हो सकती है|


गेहूं की फसल के लिए आपको खेत की अच्छे से जुटाई कर लेना है| आपको अपने खेत की मिट्टी को भुरभूरा बना देना है| फिर चाहे उस मिट्टी पर ट्रैक्टर चला कर उसे समतल कर देना चाहिए|


गेहूं का बीजोपचार क्यों आवश्यक है?

गेहूं की खेती में बुआई से पहले आपको बीज को एक बार अंकुरण क्षमता की जांच जरूर करवा ले और गेहूं के बीज को एक बीजपचार भी आवश्यक रूप से करवा ले|


यदि आप बीजोपचार नही करते है तो गेहूं में फफूंद नाशक दवा से उपचारित कर लेना चाहिए| 

गेहूं की बुआई कैसे करे?

सबसे पहले आपको गेहूं का एक अच्छा बेस्ट वाला बीजे खरीद लेना है यदि आपके पास पुराना बीज भी रखा है तो आप उसका उपयोग भी कर सकते हो|


गेहूं की बुआई आपको 15 नवंबर से 30 नवंबर तक कर देनी है आपको एक हेक्टर में 90 kg प्रति हेक्टर के दर से बुआई करनी है| 

गेहूं की फसल में खरपतवार

यदि आप अपनी फसल में खरपतवार नही करेंगे तो इससे आपके फसल पैदावार में 30 % तक नुकसान हो सकता है| इसी लिए खरपतवार आपकी फसल के लिए बहुत जरूरी है|


आपको यह ध्यान रखना होगा की आपकी फसल के बीच किसी प्रकार की घास या फिर अन्य झाड़ियां तो नही है| यदि है तो आपको उसे वहा से हटाना होगा| यदि आप खरपवार नही कर सकते है तो आपको बाजार जाकर दवाई लाना होगा| उस दवाई का छिड़काव एक बाद अपनी फसल पर कर देना है|



  


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